ध्यान रीढ़ की हड्डी सीधा रखें। सुखासन में बैठकर कपालभाति करें 5 मिनट। नाड़ीशेधन प्राणायाम क्ष् 10 त्वनदकद्व पहले 5 त्वनदक करके शुरु करना चाहिए। बिना हाथ लगाए नाडीशोधन अंजली मुद्रा में। दोनों नासारंध्रों से श्वास लें तथा दोनों नासारंध्रों से श्वास निकालें 1 ः 4 ः 2 भ्रामरी प्राणायाम 25 बार । ऊँेकार का वाचिक जाप 25 बार फिर लघु जाप फिर मौन जाप। ऊँेकार का ध्यान 5 या 10 बार दोनों नासारंध्रों से श्वास भरकर। 4 व्अमत ऊँेकार की ध्वनि सुनना। ईष्ट का ध्यान गुरु माता पिता का चित्र का ध्यान। ज्योति ध्यान ( पीले रंग की ज्योति बनाएं )। शून्य का ध्यान (एक जीरो बनाकर ध्यान करें) अपने सिर के कपाल के 10 आंगुल उपर। सहज ध्यान न ज्योति का ध्यान। दोनों भौवों के बीच ध्यान। पांच तत्वों का ध्यान आकाश ही महसुस करना। धरती का ध्यान महसुस करना , जल का ध्यान , हवा का ध्यान , अग्नि का ध्यान और ठंढ़ का ध्यान। तनमात्रओं का ध्यान , रस का ध्यान करना जैसे - आम , रसगुला। ज्ञानेन्द्रियों का ध्यान करना , चारों ओर सुगंध ही महसुस करना , तेज का ध्यान करना। सुर्य के प्रकाश क...
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